मुस्कुरा के देखो तो सारा जहाँ रंगीन है।
वरना भीगी पलकों से तो, आईना भी धुंधला दिखता है।
छोटी सी ज़िंदगी है, हर बात में खुश रहो …
जो चेहरा पास ना हो, उसकी आवाज में खुश रहो ….
कोई रूठा हो तुमसे, उसके इस अन्दाज में खुश रहो ….
जो लौट कर नहीं आने वाले, उन लम्हों की याद में खुश रहो ….
कल किसने देखा है, अपने आज में खुश रहो ….
खुशियों का इन्तजार किसलिए, दूसरों की मुस्कान में खुश रहो …
क्यों तड़पते हो हर पल किसी के साथ को, कभी-कभी अपने आप में खुश रहो …
छोटी सी तो ज़िंदगी है, हर हाल में खुश रहो ..
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